वाल्मीकि रामायण 1.39.18
शूलैः अशनि कल्पैः च हलैः च अपि सुदारुणैः ।भिद्यमाना वसुमती ननाद रघुनंदन॥
śūlaiḥ aśani kalpaiḥ ca halaiḥ ca api sudāruṇaiḥ |bhidyamānā vasumatī nanāda raghunaṃdana ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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