वाल्मीकि रामायण 1.43.2
अथ संवत्सरे पूर्णे सर्व लोक नमस्कृतः ।उमापतिः पशुपती राजानम् इदम् अब्रवीत्॥
atha saṃvatsare pūrṇe sarva loka namaskṛtaḥ |umāpatiḥ paśupatī rājānam idam abravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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