वाल्मीकि रामायण 1.45.4
तस्य सा शर्वरी सर्वा मम सौमित्रिणा सह ।जगाम चिंतयान् अस्य विश्वामित्र कथाम् शुभाम्॥
tasya sā śarvarī sarvā mama saumitriṇā saha |jagāma ciṃtayān asya viśvāmitra kathām śubhām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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