वाल्मीकि रामायण 1.48.2
इमौ कुमारौ भद्रम् ते देव तुल्य पराक्रमौ ।गज सिंह गती वीरौ शार्दूल वृषभ उपमौ॥
imau kumārau bhadram te deva tulya parākramau |gaja siṃha gatī vīrau śārdūla vṛṣabha upamau ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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