वाल्मीकि रामायण 1.49.20
साधु साधु इति देवाः ताम् अहल्याम् समपूजयन् ।तपो बल विशुद्ध अंगीम् गौतमस्य वश अनुगाम्॥
sādhu sādhu iti devāḥ tām ahalyām samapūjayan |tapo bala viśuddha aṃgīm gautamasya vaśa anugām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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