वाल्मीकि रामायण 1.5.11
सूत मागध संबाधाम् श्रीमतीम् अतुल प्रभाम् ।उच्चाट्टाल ध्वजवतीम् शतघ्नी शत संकुलाम्॥
sūta māgadha saṃbādhām śrīmatīm atula prabhām |uccāṭṭāla dhvajavatīm śataghnī śata saṃkulām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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