वाल्मीकि रामायण 1.55.5
दृष्ट्वा निषूदितम् सैन्यम् वसिष्ठेन महात्मना ।विश्वामित्र सुतानाम् तु शतम् नाना विध आयुधम्॥
dṛṣṭvā niṣūditam sainyam vasiṣṭhena mahātmanā |viśvāmitra sutānām tu śatam nānā vidha āyudham ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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