वाल्मीकि रामायण 1.56.11
शक्ति द्वयम् च चिक्षेप कंकालम् मुसलम् तथा ।वैद्याधरम् महाअस्त्रम् च कालास्त्रम् अथ दारुणम्॥
śakti dvayam ca cikṣepa kaṃkālam musalam tathā |vaidyādharam mahāastram ca kālāstram atha dāruṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें