वाल्मीकि रामायण 1.59.11
ऊचुः च वचनम् सर्वे सर्वेषाम् ब्रह्म वादिनाम् ।श्रुत्वा ते वचनम् सर्वे समायान्ति द्विजातयः॥
ūcuḥ ca vacanam sarve sarveṣām brahma vādinām |śrutvā te vacanam sarve samāyānti dvijātayaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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