वाल्मीकि रामायण 1.59.15
कथम् स्वर्गम् गमिष्यन्ति विश्वामित्रेण पालिताः ।एतत् वचनम् नैष्ठुर्यम् ऊचुः संरक्त लोचनाः॥
katham svargam gamiṣyanti viśvāmitreṇa pālitāḥ |etat vacanam naiṣṭhuryam ūcuḥ saṃrakta locanāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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