वाल्मीकि रामायण 1.65.23
आऊं कारो अथ वषट् कारो वेदाः च वरयन्तु माम् ।क्षत्र वेदविदाम् श्रेष्ठो ब्रह्म वेदविदाम् अपि॥
āūṃ kāro atha vaṣaṭ kāro vedāḥ ca varayantu mām |kṣatra vedavidām śreṣṭho brahma vedavidām api ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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