वाल्मीकि रामायण 1.69.3
चतुरंग बलम् च अपि शीघ्रम् निर्यातु सर्वशः ।मम आज्ञा समकालम् च यानम् युग्मम् अनुत्तमम्॥
caturaṃga balam ca api śīghram niryātu sarvaśaḥ |mama ājñā samakālam ca yānam yugmam anuttamam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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