वाल्मीकि रामायण 1.7.19
मंत्र संवरणे शक्ताः शक्ताः सूक्ष्मासु बुद्धिषु ।नीति शास्त्र विशेषज्ञाः सततम् प्रिय वादिनः॥
maṃtra saṃvaraṇe śaktāḥ śaktāḥ sūkṣmāsu buddhiṣu |nīti śāstra viśeṣajñāḥ satatam priya vādinaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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