वाल्मीकि रामायण 1.73.10
वसिष्ठम् पुरतः कृत्वा महर्षीन् अपरान् अपि ।वशिष्टःओ भगवान् एत्य वैदेहम् इदम् अब्रवीत्॥
vasiṣṭham purataḥ kṛtvā maharṣīn aparān api |vaśiṣṭaḥo bhagavān etya vaideham idam abravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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