वाल्मीकि रामायण 1.73.19
रामस्य लोक रामस्य क्रियाम् वैवाहिकीम् प्रभो ।तथा इति उक्त्वा तु जनकम् वशिष्टःओ भगवान् ऋषिः॥
rāmasya loka rāmasya kriyām vaivāhikīm prabho |tathā iti uktvā tu janakam vaśiṣṭaḥo bhagavān ṛṣiḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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