वाल्मीकि रामायण 1.74.3
अथ राजा विदेहानाम् ददौ कन्या धनम् बहु ।गवाम् शत सहस्राणि बहूनि मिथिलेश्वरः॥
atha rājā videhānām dadau kanyā dhanam bahu |gavām śata sahasrāṇi bahūni mithileśvaraḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें