वाल्मीकि रामायण 2.100.74
कच्चिदेषैव ते बुद्धिर्यथोक्ता मम राघव ।आयुष्या च यशस्या च धर्मकामार्थसंहिता॥
kaccideṣaiva te buddhiryathoktā mama rāghava |āyuṣyā ca yaśasyā ca dharmakāmārthasaṃhitā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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