वाल्मीकि रामायण 2.105.39
एते बहुविधा: शोका विलापरुदिते तथा ।वर्जनीया हि धीरेण सर्वावस्थासु धीमता॥
ete bahuvidhā: śokā vilāparudite tathā |varjanīyā hi dhīreṇa sarvāvasthāsu dhīmatā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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