वाल्मीकि रामायण 2.106.17
कैकेयीं मां च तातं च सुहृदो बान्धवांश्च न: ।पौरजानपदान् सर्वांस्त्रातु सर्वमिदं भवान्॥
kaikeyīṃ māṃ ca tātaṃ ca suhṛdo bāndhavāṃśca na: |paurajānapadān sarvāṃstrātu sarvamidaṃ bhavān ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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