वाल्मीकि रामायण 2.107.13
एष्टव्या बहव: पुत्रा गुणवन्तो बहुश्रुता: ।तेषां वै समवेतानामपि कश्चिद्गयां व्रजेत्॥
eṣṭavyā bahava: putrā guṇavanto bahuśrutā: |teṣāṃ vai samavetānāmapi kaścidgayāṃ vrajet ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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