वाल्मीकि रामायण 2.107.7
तेन पित्रा ऽहमप्यत्र नियुक्त: पुरुषर्षभ ।चतुर्दश वने वासं वर्षाणि वरदानिकम्॥
tena pitrā 'hamapyatra niyukta: puruṣarṣabha |caturdaśa vane vāsaṃ varṣāṇi varadānikam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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