वाल्मीकि रामायण 2.2.19
तस्य धर्मार्थविदुषो भावमाजञाय सर्वशः ।ब्राह्मणा जनमुख्याश्च पौरजानपदैः सह॥
tasya dharmārthaviduṣo bhāvamājañāya sarvaśaḥ |brāhmaṇā janamukhyāśca paurajānapadaiḥ saha ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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