वाल्मीकि रामायण 2.21.19
एतत् तु वचनम् श्रुत्वा लक्ष्मणस्य महात्मनः ।उवाच रामम् कौसल्या रुदन्ती शोक लालसा॥
etat tu vacanam śrutvā lakṣmaṇasya mahātmanaḥ |uvāca rāmam kausalyā rudantī śoka lālasā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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