वाल्मीकि रामायण 2.26.27
तस्मै दत्तम् नृवतिना यौवराज्यम् सनातनम् ।स प्रसाद्यस्त्वया सीते नृपतिश्च विशेषतः॥
tasmai dattam nṛvatinā yauvarājyam sanātanam |sa prasādyastvayā sīte nṛpatiśca viśeṣataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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