वाल्मीकि रामायण 2.31.11
मया अद्य सह सौमित्रे त्वयि गच्चति तत् वनम् ।को भरिष्यति कौसल्याम् सुमित्राम् वा यशस्विनीम्॥
mayā adya saha saumitre tvayi gaccati tat vanam |ko bhariṣyati kausalyām sumitrām vā yaśasvinīm ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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