वाल्मीकि रामायण 2.46.9
त्वया कार्यम् नर व्याघ्र माम् अनुव्रजता कृतम् ।अन्वेष्टव्या हि वैदेह्या रक्षण अर्थे सहायता॥
tvayā kāryam nara vyāghra mām anuvrajatā kṛtam |anveṣṭavyā hi vaidehyā rakṣaṇa arthe sahāyatā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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