वाल्मीकि रामायण 2.51.20
सिद्ध अर्थाः पितरम् वृत्तम् तस्मिन् काले हि उपस्थिते ।प्रेत कार्येषु सर्वेषु सम्स्करिष्यन्ति भूमिपम्॥
siddha arthāḥ pitaram vṛttam tasmin kāle hi upasthite |preta kāryeṣu sarveṣu samskariṣyanti bhūmipam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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