वाल्मीकि रामायण 2.54.8
धन्विनौ तौ सुखम् गत्वा लम्बमाने दिवा करे ।गन्गा यमुनयोह् सम्धौ प्रापतुर् निलयम् मुनेः॥
dhanvinau tau sukham gatvā lambamāne divā kare |gangā yamunayoh samdhau prāpatur nilayam muneḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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