वाल्मीकि रामायण 2.75.28
उपदिष्टम् सुसूक्ष्म अर्थम् शास्त्रम् यत्नेन धीमता ।स नाशयतु दुष्ट आत्मा यस्य आर्यो अनुमते गतः॥
upadiṣṭam susūkṣma artham śāstram yatnena dhīmatā |sa nāśayatu duṣṭa ātmā yasya āryo anumate gataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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