वाल्मीकि रामायण 2.75.39
सम्ग्रामे समुपोढे स शत्रुपक्ष्भयम्करे ।पलायामानो वध्येत यस्यार्योऽनुमे गतः॥
samgrāme samupoḍhe sa śatrupakṣbhayamkare |palāyāmāno vadhyeta yasyāryo'nume gataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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