वाल्मीकि रामायण 2.80.1
अथ भूमि प्रदेशज्ञाः सूत्र कर्म विशारदाः ।स्व कर्म अभिरताः शूराः खनका यन्त्रकाः तथा॥
atha bhūmi pradeśajñāḥ sūtra karma viśāradāḥ |sva karma abhiratāḥ śūrāḥ khanakā yantrakāḥ tathā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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