वाल्मीकि रामायण 2.91.39
आनुपूर्व्यानिषेदुश्च सर्वे मन्त्रिपुरोहिता: ।तत: सेनापति: पश्चात् प्रशास्ता च निषेदतु:॥
ānupūrvyāniṣeduśca sarve mantripurohitā: |tata: senāpati: paścāt praśāstā ca niṣedatu: ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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