वाल्मीकि रामायण 2.95.1
अथ शैलाद्विनिष्क्रम्य मैथिलीं कोसलेश्वर: ।अदर्शयच्छुभजलां रम्यां मन्दाकिनीं नदीम्॥
atha śailādviniṣkramya maithilīṃ kosaleśvara: |adarśayacchubhajalāṃ ramyāṃ mandākinīṃ nadīm ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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