वाल्मीकि रामायण 2.96.26
अद्य पुत्रं हतं सङ्ख्ये कैकेयी राज्यकामुका ।मया पश्येत् सुदु:खार्त्ता हस्तिभग्नमिव द्रुमम्॥
adya putraṃ hataṃ saṅkhye kaikeyī rājyakāmukā |mayā paśyet sudu:khārttā hastibhagnamiva drumam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें