वाल्मीकि रामायण 2.99.36
मन्निमित्तमिदं दु:खं प्राप्तो राम: सुखोचित:।धिग्जीवितं नृशंसस्य मम लोकविगर्हितम्॥
mannimittamidaṃ du:khaṃ prāpto rāma: sukhocita: |dhigjīvitaṃ nṛśaṃsasya mama lokavigarhitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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