वाल्मीकि रामायण 3.10.18
मुनीनाम् अन्यथा कर्तुम् सत्यम् इष्टम् हि मे सदा ।अपि अहम् जीवितम् जह्याम् त्वाम् वा सीते स लक्ष्मणाम्॥
munīnām anyathā kartum satyam iṣṭam hi me sadā |api aham jīvitam jahyām tvām vā sīte sa lakṣmaṇām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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