वाल्मीकि रामायण 3.10.19
न तु प्रतिज्ञाम् संश्रुत्य ब्राह्मणेभ्यो विशेषतः ।तत् अवश्यम् मया कार्यम् ऋषीणाम् परिपालनम्॥
na tu pratijñām saṃśrutya brāhmaṇebhyo viśeṣataḥ |tat avaśyam mayā kāryam ṛṣīṇām paripālanam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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