वाल्मीकि रामायण 3.11.46
सुतीक्ष्णेन उपदिष्टेन गत्वा तेन पथा सुखम् ।इदम् परम संहृष्टो वाक्यम् लक्ष्मणम् अब्रवीत्॥
sutīkṣṇena upadiṣṭena gatvā tena pathā sukham |idam parama saṃhṛṣṭo vākyam lakṣmaṇam abravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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