वाल्मीकि रामायण 3.11.73
गम्यताम् इति तेन उक्तो जगाम रघु नन्दनः ।यथा उद्दिष्टेन मार्गेण वनम् तत् च अवलोकयन्॥
gamyatām iti tena ukto jagāma raghu nandanaḥ |yathā uddiṣṭena mārgeṇa vanam tat ca avalokayan ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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