वाल्मीकि रामायण 3.11.89
अत्र देवाः सगन्धर्वाः सिद्धाः च परम ऋषयः ।अगस्त्यम् नियत आहाराः सततम् पर्युपासते॥
atra devāḥ sagandharvāḥ siddhāḥ ca parama ṛṣayaḥ |agastyam niyata āhārāḥ satatam paryupāsate ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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