वाल्मीकि रामायण 3.62.17
अनुज्ञातो असि रामेण पालय इति वसुंधराम् ।अंबा च मम कैकेयी सुमित्रा च त्वया विभो॥
anujñāto asi rāmeṇa pālaya iti vasuṃdharām |aṃbā ca mama kaikeyī sumitrā ca tvayā vibho ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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