वाल्मीकि रामायण 3.71.1
पुरा राम महाबाहो महाबल पराक्रम ।रूपम् आसीत् मम अचिंत्यम् त्रिषु लोकेषु विश्रुतम्॥
purā rāma mahābāho mahābala parākrama |rūpam āsīt mama aciṃtyam triṣu lokeṣu viśrutam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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