वाल्मीकि रामायण 3.72.6
विमाने भास्वरे तिष्ठन् हंस युक्ते यशस् करे ।प्रभया च महातेजा दिशो दश विराजयन्॥
vimāne bhāsvare tiṣṭhan haṃsa yukte yaśas kare |prabhayā ca mahātejā diśo daśa virājayan ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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