वाल्मीकि रामायण 3.9.8
तच्च सर्वम् महाबाहो शक्यम् वोढुम् जितेइन्द्रियैः ।तव वश्य इन्द्रियत्वम् च जानामि शुभदर्शन॥
tacca sarvam mahābāho śakyam voḍhum jiteindriyaiḥ |tava vaśya indriyatvam ca jānāmi śubhadarśana ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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