वाल्मीकि रामायण 4.10.26
एवम् उक्त्वा तु माम् तत्र वस्त्रेण एकेन वानरः ।तदा निर्वासयामास वाली विगत साध्वसः॥
evam uktvā tu mām tatra vastreṇa ekena vānaraḥ |tadā nirvāsayāmāsa vālī vigata sādhvasaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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