वाल्मीकि रामायण 4.12.10
अद्य मे विगतः शोकः प्रीतिर् अद्य परा मम ।सुहृदम् त्वाम् समासाद्य महेन्द्र वरुणोपमम्॥
adya me vigataḥ śokaḥ prītir adya parā mama |suhṛdam tvām samāsādya mahendra varuṇopamam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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