वाल्मीकि रामायण 4.12.24
राघवो अपि सह भ्रात्रा सह चैव हनूमता ।तदेव वनम् आगच्छत् सुग्रीवो यत्र वानरः॥
rāghavo api saha bhrātrā saha caiva hanūmatā |tadeva vanam āgacchat sugrīvo yatra vānaraḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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