वाल्मीकि रामायण 4.39.28
रुमणो नाम तेजस्वी विक्रान्तैः वानरैः वृतः ।आगतो बलवान् तूर्णम् कोटि शत समावृतः॥
rumaṇo nāma tejasvī vikrāntaiḥ vānaraiḥ vṛtaḥ |āgato balavān tūrṇam koṭi śata samāvṛtaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें