वाल्मीकि रामायण 4.39.35
कैलास शिखर आकारैः वानरैः भीम विक्रमैः ।वृतः कोटि सहस्रेण हनुमान् प्रत्यदृश्यत॥
kailāsa śikhara ākāraiḥ vānaraiḥ bhīma vikramaiḥ |vṛtaḥ koṭi sahasreṇa hanumān pratyadṛśyata ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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