वाल्मीकि रामायण 4.39.41
कुर्वाणा बहु शब्दान् च प्रकृष्टा बलशालिनः ।शिरोभिः वानरेन्द्राय सुग्रीवाय न्यवेदयन्॥
kurvāṇā bahu śabdān ca prakṛṣṭā balaśālinaḥ |śirobhiḥ vānarendrāya sugrīvāya nyavedayan ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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